Delhi High Court
Delhi High Court: दिल्ली शराब नीति घोटाले के मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। राउज एवेन्यू कोर्ट ने पहले आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित कुल 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। इस फैसले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चुनौती दी और हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह भ्रष्टाचार और रिश्वत से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान निजी जेट का इस्तेमाल करके रिश्वत का लेन-देन किया गया और 170 फोन नष्ट कर दिए गए।
Delhi High Court ने ट्रायल कोर्ट को दिए ये निर्देश
जानकारी के लिए बता दे कि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ईडी मामले की सुनवाई तब तक स्थगित रहे जब तक कि CBI की याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। अदालत ने सभी 23 आरोपियों सहित ट्रायल कोर्ट के आदेश में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई पर भी रोक लगाई और सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान किसी भी आरोपी या उनके वकील ने पेश नहीं होकर अपना पक्ष रखा। अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी।
जाने क्या है पूरा मामला
आपको बता दे कि ये पूरी मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है, जिसे आप सरकार ने लागू किया था। CBI ने आरोप लगाया कि नीति जानबूझकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने और शराब कारोबार में एकाधिकार बनाने के लिए बनाई गई थी। हालांकि, राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को 598 पेज के आदेश में सभी आरोपियों को बरी कर दिया और CBI के सबूतों को “पूर्व नियोजित और बनावटी” करार दिया। अब हाईकोर्ट की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।
