नागपुर सीट पर क्यों हो रहा है उपचुनामहाराष्ट्र में विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इन 17 सीटों में 16 नियमित सीटें हैं, जबकि एक नागपुर की उपचुनाव सीट शामिल है।नागपुर सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले 2024 में विधायक चुने जाने के बाद अपनी परिषद सदस्यता छोड़ चुके थे। उनके इस्तीफे के बाद यह सीट बीच कार्यकाल में खाली हो गई थी।
पुराने दलीय समीकरण क्या कहते हैं?
अगर इन सीटों के पुराने राजनीतिक संतुलन की बात करें तो बीजेपी के पास 7 सीटें, शिवसेना के पास 4 सीटें, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास 3 सीटें और कांग्रेस के पास 2 सीटें थीं। ऐसे में इस चुनाव को सभी दल अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का बड़ा मौका मान रहे हैं।इस चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के कई चर्चित नेताओं की सीटें दांव पर लगी हैं। सोलापुर से बीजेपी के प्रशांत परिचारक, ठाणे से शिवसेना के रवींद्र फाटक और जलगांव से बीजेपी के चंदूभाई पटेल के निर्वाचन क्षेत्रों पर खास नजर रहेगी।
कांग्रेस और NCP के लिए भी अहम मुकाबला
कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। सांगली-सातारा से कांग्रेस के मोहनराव कदम, नांदेड से कांग्रेस के अमर राजूरकर और अहिल्यानगर से NCP के अरुणकाका जगताप की सीटों पर मुकाबला रोचक माना जा रहा है।इस बार कई क्षेत्रों में नए उम्मीदवार भी अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। पुणे से NCP के अनिल भोसले, भंडारा-गोंदिया से बीजेपी के परिणय फुके और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से NCP के अनिकेत तटकरे की सीटों पर भी कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
अन्य अहम सीटों पर भी मुकाबला दिलचस्प
नासिक से शिवसेना के नरेंद्र दराडे, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से बीजेपी के रामदास आंबटकर, अमरावती से बीजेपी के प्रवीण पोटे और धाराशिव-लातूर-बीड से बीजेपी के सुरेश धस की सीटें भी चुनावी चर्चा में बनी हुई हैं।परभणी-हिंगोली से शिवसेना के विप्लव बाजोरिया और छत्रपती संभाजीनगर-जालना से शिवसेना के अंबादास दानवे की सीटों पर भी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय समीकरण चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार, इन सीटों के लिए अधिसूचना 25 मई 2026 को जारी की जाएगी। उम्मीदवार 1 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 2 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 4 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।महाराष्ट्र की राजनीति में बदलते गठबंधन और नए समीकरणों के बीच यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बार किस दल और किस चेहरे पर भरोसा जताते हैं।