रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइलिंग आज ही सेबी के पास जमा की जाएगी। अंबानी ने कहा कि जियो की लिस्टिंग से भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। विश्लेषकों के अनुसार, जियो आईपीओ का मूल्यांकन 130 से 180 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बन सकता है। कंपनी 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना में है।
AGM में अंबानी ने भारत की आर्थिक स्थिति और भविष्य की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों की वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने मजबूती दिखाई है और आने वाले समय में भारत “वैश्विक संतुलन और शांति का केंद्र” बनेगा। जियो प्लेटफॉर्म्स का लक्ष्य 2030 तक देश के हर ग्राहक को 5G नेटवर्क से जोड़ना है। साथ ही कंपनी एआई-आधारित सेवाओं, प्रीमियम डिजिटल समाधान और उद्यम (enterprise) सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस रणनीति में छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना भी शामिल है।
कंपनी की भविष्य की योजनाओं में आकाश अंबानी ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें सैटेलाइट इंटरनेट और ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना शामिल है। जियो एक संप्रभु लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क पर भी काम कर रहा है, जिससे भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी क्षमता को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, जियोएयरफाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड विस्तार पर भी फोकस रहेगा, जहां 90% इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे किए जा रहे हैं। रिलायंस की यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करेगी।