NEET UG 2026 Re-Exam Update: NTA का नया नोटिस जारी
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई परीक्षा अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं। NTA के नए नोटिस के मुताबिक परीक्षा का समय बढ़ाया गया है। साथ ही प्रश्नपत्र की सुरक्षा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और पेपर सेटिंग प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
NEET UG Re-Exam 2026 में क्या-क्या बदला?
NEET UG Re-Exam 2026 के लिए जारी नए निर्देशों के अनुसार परीक्षा की अवधि अब 180 मिनट की जगह 195 मिनट होगी। यानी अभ्यर्थियों को पहले की तुलना में 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके अलावा OMR उत्तर पुस्तिका में रफ वर्क के लिए भी अधिक जगह उपलब्ध कराई जाएगी। NTA का मानना है कि इससे छात्रों को प्रश्न हल करने में सुविधा मिलेगी और परीक्षा के दौरान दबाव कम होगा। परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को देश और विदेश के निर्धारित केंद्रों पर किया जाएगा।
पेपर लीक के बाद क्यों दोबारा हो रही है परीक्षा?
इस साल NEET UG Re-Exam 2026 की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में आ गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी। अब री-एग्जाम के जरिए छात्रों को दोबारा अवसर दिया जा रहा है।
लॉकडाउन में रहेंगे पेपर सेटर्स, सुरक्षा पर खास फोकस
NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। NTA के अनुसार पेपर सेटर्स को परीक्षा संपन्न होने तक विशेष निगरानी में रखा जाएगा। 21 जून तक उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह की जानकारी लीक न हो सके। परीक्षा के आयोजन के लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में केंद्र बनाए गए हैं। हर स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी रहेगी।
एयरफोर्स विमान से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र
पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए NEET UG Re-Exam 2026 में प्रश्नपत्रों के परिवहन की व्यवस्था भी बदली गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान का उपयोग किया जाएगा। यह कदम परीक्षा सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
NEET UG Re-Exam 2026 के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर विशेष नजर रखी जाएगी। NTA और संबंधित एजेंसियां 24 घंटे ऑनलाइन गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेंगी। फर्जी प्रश्नपत्र, अफवाहें, गलत जानकारी और संदिग्ध कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल निगरानी से परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नया सिस्टम: एक्सपर्ट्स को भी नहीं पता होगा किस परीक्षा का पेपर बना रहे हैं
भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए NTA एक नई तकनीकी प्रणाली विकसित कर रही है। इस व्यवस्था के तहत विषय विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे। उन्हें यह जानकारी नहीं होगी कि उनके द्वारा बनाए गए प्रश्न किस परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। इन प्रश्नों को एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में रखा जाएगा, जिसमें लगभग 10 हजार सवाल शामिल हो सकते हैं। बाद में तकनीक की मदद से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। यह मॉडल परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
NEET UG परीक्षा का क्या है महत्व?
NEET UG Re-Exam 2026 देश के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। NEET के माध्यम से MBBS, BDS, BAMS, BHMS, Nursing और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश मिलता है। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन भी इसी परीक्षा के जरिए होता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और एक लाख से अधिक मेडिकल सीटों पर प्रवेश इसी के आधार पर दिया जाता है।
आगे क्या होगा?
21 जून को होने वाली NEET UG Re-Exam 2026 पर पूरे देश की नजर रहेगी। NTA इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रही है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और NTA के नोटिस पर भरोसा करें तथा किसी भी अफवाह या फर्जी प्रश्नपत्र से सतर्क रहें।