Lok Sabha
Lok Sabha: लोकसभा में विपक्ष द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, संख्या बल के लिहाज से कमजोर नजर आ रहा है। बहुमत का गणित साफ है कि स्पीकर को हटाने के लिए सदन के तत्कालीन सदस्यों के प्रभावी बहुमत की आवश्यकता होती है, जो वर्तमान में NDA के पक्ष में है। इसलिए, इस प्रस्ताव के गिरने की संभावना अधिक बताई जा रही है। विपक्ष की रणनीति के तहत, इंडिया (INDIA) गठबंधन के 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कांग्रेस के मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लु रवि मुख्य प्रस्तावक हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी समर्थन जताया है।
Lok Sabha: जाने क्या है विपक्ष के मुख्य आरोप
जानकारी के लिए बता दे कि विपक्ष के मुख्य आरोप यह हैं कि ओम बिरला का व्यवहार संसद में “पक्षपाती” रहा है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त समय न देने और विपक्षी सांसदों के निलंबन को गंभीर मुद्दा बनाया है। संसदीय इतिहास में अब तक किसी भी लोकसभा अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया नहीं जा सका है। यही कारण है कि यह प्रस्ताव सिर्फ विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।
बजट सत्र के दूसरे चरण में हुआ ये हंगामा
वहीं इसके अलावा, हाल ही में Lok Sabha के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हंगामेदार रही। पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग और विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। सरकार ने इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय आवंटित करने का संकेत दिया है, जो मंगलवार से शुरू हो सकती है। इस घटनाक्रम से संसद में राजनीतिक समीकरण और विपक्ष की स्थिति पर गहरी नजर बनी हुई है।
