AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान की हरकतों पर कड़ा रुख अपनाया, FATF ग्रे लिस्ट में वापसी की मांग की

ओवैसी का तीखा हमला: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान और वहां की सेना के रवैये पर जोरदार हमला बोला है। हाल ही में एक जनसभा के दौरान ओवैसी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा एक फर्जी तस्वीर को भारत पर कथित जीत का प्रतीक बताने को “मूर्खतापूर्ण और हास्यास्पद” करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नीयत और नीति दोनों ही संदिग्ध हैं, और भारत जैसे देश से मुकाबला करने के लिए वह सिर्फ दिखावा कर रहा है।

ओवैसी ने उस तस्वीर का ज़िक्र किया जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भेंट की थी। दावा किया गया कि यह तस्वीर भारत पर पाकिस्तान की जीत की प्रतीक है। लेकिन असल में वह तस्वीर 2019 में चीन द्वारा आयोजित सैन्य अभ्यास की थी। इस फर्जीवाड़े पर ओवैसी ने कहा, “ये बेवकूफ जोकर भारत से प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं। नकल करने के लिए अकल चाहिए, जो इनके पास नहीं है।”

FATF में वापसी की ज़रूरत
कुवैत में भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के दौरान ओवैसी ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की भूमिका पर बात करते हुए पाकिस्तान को फिर से ग्रे सूची में डालने की वकालत की। FATF एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करती है। ग्रे लिस्ट में शामिल देशों पर वित्तीय निगरानी बढ़ा दी जाती है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।

ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध माध्यमों का इस्तेमाल करता है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में ऐसे नेटवर्क खड़े किए हैं जो आतंकियों को फंडिंग करते हैं। उनके अनुसार, “यह बेहद ज़रूरी है कि पाकिस्तान की इन हरकतों पर नज़र रखी जाए और उसे दोबारा FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाए।”

IMF फंड का संभावित दुरुपयोग
ओवैसी ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाले 2 बिलियन डॉलर के ऋण का दुरुपयोग आतंकवाद के समर्थन में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की निगरानी नहीं की गई, तो यह रकम भारत विरोधी गतिविधियों में लगाई जा सकती है। ओवैसी का यह बयान केवल भारत की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अहम माना जा रहा है।

पाकिस्तान की वैश्विक छवि पर प्रहार
अपने संबोधन में ओवैसी ने पाकिस्तान की गिरती वैश्विक साख पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस तरह की फर्जी तस्वीरें और झूठे दावे न सिर्फ पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अगर भारत जैसी मजबूत और लोकतांत्रिक व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा करनी है तो उसे अपने आंतरिक सिस्टम और नीतियों में गहराई से सुधार करना होगा।

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