भारत-अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर सुर्खियों में हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत दौरे पर आए अमेरिका की उपराष्ट्रपति का सजग, गरिमामय और गर्मजोशी से स्वागत किया।इस मुलाक़ात को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
राजनयिक शिष्टाचार के साथ आत्मीय संवाद
पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति का स्वागत न केवल औपचारिक अंदाज़ में किया,बल्कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में साझा मूल्यों, वैश्विक मुद्दों और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।सूत्रों के अनुसार, बैठक में इन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस रहा
वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
- व्यापार और निवेश के नए अवसर
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता
- क्लाइमेट चेंज और टेक्नोलॉजी इनोवेशन में संयुक्त प्रयास
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क्या है इस दौरे का बड़ा संदेश?
इस दौरे को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है जब दुनिया भूराजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक बदलाव और टेक्नोलॉजी के संक्रमण काल से गुजर रही है। भारत और अमेरिका के संबंध अब सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में साझेदारी का नया चेहरा बनते जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति की यह बैठक एक बार फिर साबित करती है कि भारत अब दुनिया की बड़ी ताक़तों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है।

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