सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने मोदी, NDA ने दी बधाई
भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। PM मोदी रिकॉर्ड बनाते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस उपलब्धि का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बैठक में उनके 12 वर्षों के नेतृत्व, स्थिर शासन और विकास कार्यों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
आखिर PM मोदी रिकॉर्ड इतना खास क्यों माना जा रहा है?
PM मोदी रिकॉर्ड इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा किया है। जवाहरलाल नेहरू 1952 के पहले आम चुनाव के बाद 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे थे। उनका कार्यकाल कुल 4,398 दिनों का था। नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि भारत में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अब भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है, जिनका कुल कार्यकाल करीब 16 साल 286 दिन रहा था। लेकिन निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे ज्यादा समय तक सेवा देने का नया रिकॉर्ड अब नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हो गया है।
NDA बैठक में क्यों गूंजा PM मोदी रिकॉर्ड?
NDA नेताओं की बैठक में PM मोदी रिकॉर्ड सबसे बड़ा चर्चा का विषय रहा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का समर्थन नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने किया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को मिले स्थिर शासन, आर्थिक विकास, सुशासन और विकसित भारत के विजन का उल्लेख किया गया। बैठक में मौजूद नेताओं ने प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके नेतृत्व को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
चंद्रबाबू नायडू ने मोदी के नेतृत्व को क्यों बताया खास?
NDA बैठक के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध, आर्थिक अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूती से आगे बढ़ना जारी रखा है। उनके अनुसार यह प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। PM मोदी रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत की है।
कैबिनेट बैठक में भी मिला विशेष सम्मान
NDA बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भी उनकी उपलब्धि को लेकर एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और प्रधानमंत्री को बधाई दी। PM मोदी रिकॉर्ड को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि देश ने जो भी उपलब्धियां हासिल की हैं, वे 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास और विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है।
दुनिया के कई नेताओं ने क्यों दी बधाई?
PM मोदी रिकॉर्ड की चर्चा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। इजराइल, दक्षिण कोरिया और इथियोपिया समेत कई देशों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को बधाई संदेश भेजे। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और इजराइल की दोस्ती लगातार मजबूत हो रही है और भविष्य में दोनों देशों की साझेदारी और गहरी होने की उम्मीद है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने इसे भारतीय जनता के विश्वास का प्रतीक बताया। वहीं इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
क्या राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है PM मोदी रिकॉर्ड?
विश्लेषकों का मानना है कि PM मोदी रिकॉर्ड सिर्फ एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति में स्थिर नेतृत्व का प्रतीक भी है। लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो चुके हैं। NDA नेताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में गठबंधन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत की है। आने वाले समय में भी यह रिकॉर्ड राजनीतिक चर्चाओं और चुनावी रणनीतियों का अहम हिस्सा बना रह सकता है। फिलहाल NDA और भाजपा इस उपलब्धि को ऐतिहासिक क्षण के रूप में पेश कर रहे हैं।