Kuldeep Singh Sengar: दिल्ली के संसद परिसर के बाहर आज उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब उन्नाव रेप केस के दोषी और निष्कासित बीजेपी नेता कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस प्रदर्शन में सोशल वर्कर योगिता भयाना और कांग्रेस नेता मुमताज़ पटेल समेत कई महिला एक्टिविस्ट शामिल थीं। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे ये सभी संसद परिसर के पास एकजुट हुए और कोर्ट के फैसले के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दी।
Kuldeep Singh Sengar: ये है विवाद का कारण….
दरअसल, मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा को तकनीकी आधार पर निलंबित कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि 2017 के मामले में उस समय लागू कानून के तहत अधिकतम 7 साल की सज़ा का प्रावधान था, और सेंगर वह सज़ा पूरी कर चुका है। हालांकि, साफ कर दें कि कुलदीप सिंह सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आए है। आपको बता दे कि वो रेप पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ मामले में अब भी सज़ा काट रहा है। लेकिन रेप केस में मिली इस कानूनी राहत को लेकर देशभर में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला न्याय व्यवस्था में मौजूद कानूनी खामियों को उजागर करता है और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
प्रदर्शनकारीयों ने दिल्ली पुलिस से किए ये सवाल
इन सब के अलावा बात अगर Kuldeep Singh Sengar के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की करे तो, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सवाल किया कि “जब दोषियों को ऐसे तकनीकी आधार पर राहत मिलती है, तो महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा?” वहीं अब इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित स्थान तय था, लेकिन प्रदर्शनकारी संसद परिसर के पास धरने पर बैठ गए, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिया गया। फिलहाल, उन्नाव रेप पीड़िता के वकील और समर्थक भी इस फैसले के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। मामले ने एक बार फिर न्याय, कानून और महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है।

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