Mamata Banerjee Convoy Attack
Mamata Banerjee Convoy Attack: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार, 9 अगस्त को हलिसहर में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने पहुंची थीं। बिरजू केओट की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी। उनके परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके साथ मारपीट हुई थी, जबकि पुलिस का कहना है कि बिरजू की मौत हार्ट अटैक से हुई। इसी मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था। ममता बनर्जी के पहुंचने पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर जमा हो गए और उनके काफिले का विरोध करने लगे।
काफिले पर पत्थर, कीचड़ और जूते-चप्पल फेंकने का आरोप
ममता बनर्जी के काफिले के हलिसहर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया। उनके काफिले की ओर कीचड़, जूते और चप्पल भी फेंके गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। अचानक हुए विरोध के कारण मौके पर तनाव बढ़ गया। सुरक्षा कर्मियों ने ममता बनर्जी के काफिले को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। पुलिस ने बाद में भीड़ को तितर-बितर किया और काफिले को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
ममता बनर्जी ने BJP और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ममता बनर्जी ने प्रदर्शन के लिए बीजेपी समर्थित असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों को रोकने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। ममता बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस की कथित निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। TMC की ओर से भी घटना की निंदा की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी ने इसे राजनीतिक हिंसा का उदाहरण बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
BJP ने हमले की निंदा कर कार्रवाई की मांग की
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले की निंदा की है। बीजेपी की ओर से कहा गया कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हिंसा को उचित नहीं ठहराया। बीजेपी ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति के काफिले पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। घटना को लेकर बीजेपी और TMC के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
पुलिस ने भीड़ को हटाकर काफिले को सुरक्षित निकाला
ममता बनर्जी के काफिले पर हुए विरोध के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद काफिला सुरक्षित रूप से इलाके से निकल गया। फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों की पहचान की प्रक्रिया की जा रही है। बिरजू केओट की मौत को लेकर परिवार के आरोप और पुलिस के दावे भी जांच के दायरे में हैं। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल के बीच ममता बनर्जी के काफिले पर हुए इस विरोध ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस तेज कर दी है।