यूपी विधानसभा मॉनसून सत्र: सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस

जल जीवन मिशन पर सवाल-जवाब में तीखी नोकझोंक

यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच जल जीवन मिशन और सड़क पुनर्स्थापना जैसे मुद्दों पर जुबानी जंग छिड़ गई। इस दौरान जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सपा विधायक फहीम इरफान के बीच सवाल-जवाब का दौर इतना गरमाया कि बात “बीवी की कसम” तक पहुंच गई। यह बहस विधानसभा में चर्चा का केंद्र बन गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा।

फहीम इरफान ने उठाए जल जीवन मिशन पर सवाल

मुरादाबाद जिले की बिलारी सीट से सपा विधायक फहीम इरफान ने जल जीवन मिशन को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कई खामियां सामने आई हैं। विधायक ने दावा किया कि कम पानी के दबाव के कारण आधे घंटे में मुश्किल से एक बाल्टी पानी भर पाता है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के लागू होने के बाद हैंडपंप की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी हो रही है। फहीम ने मुरादाबाद, अयोध्या, बरेली, सीतापुर और मथुरा जैसे जिलों का उदाहरण देते हुए बताया कि कई जगहों पर पानी की टंकियां गिर गईं और कुछ स्थानों पर दुर्घटनाओं में लोगों की जान भी चली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि इन हादसों का मुआवजा सरकार देगी या ठेकेदार कंपनियां?

ठेकेदारों की मनमानी पर सवाल

फहीम ने ठेकेदारों की मनमानी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने सड़कें तोड़कर पानी की टंकियां बनाईं, लेकिन पाइपलाइनों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कई जगहों पर लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार के सड़क पुनर्स्थापना के दावों को भी गलत ठहराया। फहीम ने कहा कि सरकार ने दावा किया कि 1 लाख 96 हजार सड़कों में से 1 लाख 90 हजार सड़कों को ठीक कर लिया गया है, लेकिन यह आंकड़ा झूठा और भ्रामक है।

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स्वतंत्र देव सिंह का जवाब और “बीवी की कसम” विवाद

जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने फहीम के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 5 लाख 63 हजार 992 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 5 लाख 15 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। साथ ही, 1 लाख 90 हजार 105 किलोमीटर सड़कों की पुनर्स्थापना भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने फहीम को चुनौती देते हुए कहा, “अपनी बीवी की कसम खाकर कहें कि आपके गांव में पानी नहीं पहुंचा।” इस बयान पर फहीम ने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री को “बीवी की कसम” जैसे बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह एक जिले की जांच कराने को तैयार हैं और जरूरत पड़ी तो विधानसभा से इस्तीफा देने को भी तैयार हैं।

विधानसभा में तीखी बहस का असर

यह तीखी बहस न केवल जल जीवन मिशन और सड़क पुनर्स्थापना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यूपी की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कितना तनाव है। दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग विधानसभा के मॉनसून सत्र को और रोचक बना रही है।

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