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Cabinet: केंद्र सरकार ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में महत्वपूर्ण ढील दी है। 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किए गए सख्त नियम अब आसान किए गए हैं। इसके तहत भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से आने वाले निवेश पर सरकार की पूर्व मंजूरी अब अनिवार्य नहीं रहेगी। यह कदम विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे तथा कनेक्टिविटी को तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Cabinet: 8.8 लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने ‘स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कनेक्टिविटी इन्वेस्टमेंट एजेंडा 2024’ के तहत कुल 8.8 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें रेलवे, हाईवे, एविएशन और ग्रामीण जल आपूर्ति शामिल हैं। खासतौर पर, ‘जल जीवन मिशन’ को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा Cabinet बैठक में मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया गया, जेवर-फरीदाबाद एलिवेटेड रोड और NH 752 D राजमार्ग का विस्तार, और रेलवे चौथी लाइन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए गए हैं।
व्यापार और निवेश पर असर
हालांकि चीन का भारत में निवेश अब तक बहुत कम रहा है, लेकिन द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में आयात 11.52% बढ़कर 113.45 बिलियन डॉलर और निर्यात 14.5% घटकर 14.25 बिलियन डॉलर रहा। चालू वित्त वर्ष में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 92.3 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। Cabinet द्वारा दी गई इस ढील से विदेशी पूंजी, तकनीकी निवेश और घरेलू औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
