तेलंगाना के खम्मम शहर में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात ने पुलिस और व्यापारियों दोनों को हैरान कर दिया है। शहर के एक प्रमुख मोबाइल शोरूम को निशाना बनाते हुए शातिर चोरों के एक संगठित गिरोह ने महज 10 मिनट के भीतर करीब 170 मोबाइल फोन चोरी कर लिए। चोरी किए गए मोबाइल फोनों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई और किसी को भनक तक नहीं लगी। घटना देर रात उस समय हुई जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे और बाजार पूरी तरह शांत था। सुबह जब शोरूम संचालकों को चोरी की जानकारी मिली तो इलाके में सनसनी फैल गई।
मारुति वैन में पहुंचे चोर, योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि चोरी को अंजाम देने वाला गिरोह पहले से पूरी तैयारी के साथ आया था। जानकारी के अनुसार आरोपी एक मारुति वैन में सवार होकर शोरूम के पास पहुंचे और बेहद तेजी से अपनी योजना को अंजाम दिया। चोरों ने पहले शोरूम में प्रवेश किया और फिर वहां रखे महंगे स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल उपकरणों को समेटना शुरू कर दिया। पूरी कार्रवाई इतनी तेज थी कि केवल 10 मिनट के भीतर वे 170 मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी पेशेवर हो सकते हैं, क्योंकि उन्होंने समय, स्थान और भागने के रास्ते का चयन बेहद सावधानी से किया। चोरी के तरीके को देखकर जांच एजेंसियां इसे एक संगठित अपराध गिरोह की करतूत मान रही हैं।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई संदिग्ध गतिविधियां, पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच
घटना के बाद खम्मम पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। शुरुआती फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां और चोरी में इस्तेमाल की गई मारुति वैन दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा तकनीकी जांच के तहत आसपास के मोबाइल टावरों का डेटा, संदिग्ध वाहनों की आवाजाही और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल जांच टीमों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिन पर लगातार काम किया जा रहा है।
आसपास के जिलों को अलर्ट, चोरी के मोबाइल फोनों की तलाश जारी
खम्मम पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के जिलों और पुलिस इकाइयों को भी अलर्ट जारी कर दिया है। चोरी किए गए मोबाइल फोनों की पहचान के लिए उनके IMEI नंबरों को ट्रैकिंग सिस्टम में डाला जा रहा है ताकि यदि कोई फोन सक्रिय होता है तो उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं चोरी का माल किसी दूसरे राज्य या जिले में तो नहीं भेजा गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि चोरी किए गए मोबाइल फोन बाजार में बेचने या इस्तेमाल करने की कोशिश की गई तो तकनीकी निगरानी के जरिए अपराधियों तक पहुंचा जा सकता है। इस बीच पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही हैं।
व्यापारियों में बढ़ी चिंता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस बड़ी चोरी की घटना के बाद खम्मम के व्यापारियों में चिंता का माहौल है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि किसी व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित मोबाइल शोरूम से महज 10 मिनट के भीतर लाखों रुपये का माल चोरी हो सकता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। व्यापारियों ने बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाने और आधुनिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है। वहीं आम लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सीसीटीवी में कैद हुई मारुति वैन और तकनीकी सुराग पुलिस को इस शातिर गैंग तक पहुंचाने में सफल होंगे, या फिर 170 मोबाइल फोन लेकर फरार हुए आरोपी लंबे समय तक कानून की पकड़ से दूर रहेंगे? फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है और पुलिस जल्द खुलासे का दावा कर रही है।