Varanasi Flood 2026: पीएम मोदी ने ली वाराणसी में बाढ़ की जानकारी, राहत कार्य तेज करने के निर्देश
Varanasi Flood 2026
Varanasi Flood 2026 को लेकर काशी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से टेलीफोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए।
राहत शिविरों में भोजन और पेयजल की व्यवस्था पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी से राहत शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। Varanasi Flood 2026 के बीच उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम करे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित लोगों को समय पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों और राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
जरूरत वाले इलाकों में तुरंत पहुंचाई जाए राहत सामग्री
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की अतिरिक्त आवश्यकता हो, वहां तत्काल इसकी व्यवस्था की जाए। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहायता तेजी से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। Varanasi Flood 2026 की स्थिति और राहत कार्यों पर लगातार सतर्क नजर बनाए रखने के निर्देश देते हुए प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की कमी न रहने देने की बात कही।
चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही गंगा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है, जबकि नदी 70.28 मीटर पर बह रही है। खतरे का निशान 71.26 मीटर पर निर्धारित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। Varanasi Flood 2026 को देखते हुए अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
बारिश का भी पूर्वानुमान
सुरक्षा के मद्देनजर गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अस्सी घाट से केशव घाट तक नाव संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है और नदी में आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 3 से 8 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक मौसमी गतिविधि का पूर्वानुमान जताया है। वहीं, 6 और 7 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना बताई गई है।
