Air India AI-171 Plane Crash: 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार 239 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी जान गंवा बैठे थे। जांच में सामने आया कि उड़ान से पहले विमान में कुछ तकनीकी खामियों की शिकायत दर्ज की गई थी। टेकऑफ के बाद विमान केवल 630 फीट की ऊंचाई तक पहुंच पाया और महज 32 सेकंड के भीतर नियंत्रण खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में केवल एक यात्री विश्वकुमार रमेश जीवित बच पाए थे। एक साल बाद भी मृतकों के परिजन यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर इस त्रासदी की असली वजह क्या थी।
हादसे के एक महीने बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतरिम रिपोर्ट जारी हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई अचानक बंद हो गई थी, जिससे इंजन निष्क्रिय हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज एक संक्षिप्त बातचीत ने भी कई सवाल खड़े किए। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच किस कारण कट-ऑफ मोड में पहुंचे। इसके बाद पायलटों की भूमिका, संभावित इलेक्ट्रिकल फेलियर और बोइंग 787 की तकनीकी खामियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई। पायलट संगठनों ने आरोप लगाया कि शुरुआती रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
अब हादसे को एक साल पूरा हो चुका है और AAIB की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार जारी है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों के अनुसार एक वर्ष के भीतर अंतिम रिपोर्ट जारी की जानी चाहिए, लेकिन इंजन कंट्रोल सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच अभी भी जारी बताई जा रही है। विशेषज्ञों की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर फ्यूल कटऑफ स्विच कैसे सक्रिय हुए, रैम एयर टरबाइन (RAT) कब तैनात हुई और इमरजेंसी सिस्टम क्यों विफल रहे। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट या नई अंतरिम रिपोर्ट जल्द जारी हो सकती है, जो इस भीषण विमान हादसे के पीछे छिपे सबसे बड़े रहस्य से पर्दा उठा सकती है।