Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 में सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को सभी विजयी उम्मीदवारों ने विधानसभा पहुंचकर अपना प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। इस बार एनडीए और विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। निर्वाचित उम्मीदवारों में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह, जदयू के निशांत कुमार, संजय मयूख, शीला पंडित, अनिल ठाकुर, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति, ललन प्रसाद, लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राजद के सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव जीतने के बाद विधानसभा परिसर में समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सुनील कुमार सिंह और अशरफ अंसारी ने जताई खुशी, समर्थकों का किया अभिवादन
प्रमाण-पत्र लेने विधानसभा पहुंचे राजद उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह और लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी ने जीत की खुशी खुलकर जाहिर की। विधानसभा पोर्टिको में दोनों नेताओं ने विक्ट्री साइन दिखाते हुए समर्थकों का अभिवादन किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास दिन है क्योंकि इसी दिन राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन भी है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद सदस्यता का प्रमाण-पत्र मिलना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। सुनील कुमार सिंह ने अपनी जीत का श्रेय लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। वहीं अशरफ अंसारी ने भी पार्टी नेतृत्व और समर्थकों का धन्यवाद करते हुए आगे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरोसा दिलाया।
निशांत कुमार की चुप्पी बनी चर्चा का विषय, राजनीतिक भविष्य पर नहीं दिया जवाब
जदयू उम्मीदवार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी प्रमाण-पत्र लेने विधानसभा पहुंचे। हालांकि इस दौरान उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। पत्रकारों ने उनसे उनके राजनीतिक भविष्य और विधान परिषद सदस्य बनने के बाद की भूमिका को लेकर सवाल पूछे, लेकिन निशांत कुमार बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे प्रमाण-पत्र लेने के लिए आगे बढ़ गए। उनकी यह चुप्पी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका को लेकर और अटकलें तेज हो सकती हैं। बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।