दिल्ली में पेयजल संकट गहराया, DU के छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

देश की राजधानी दिल्ली में पानी की समस्या कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब यह संकट उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचता है, तो इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कई कॉलेजों के छात्रों ने पेयजल संकट को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज परिसरों में हफ्तों से पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, जिससे पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

छात्रों का फूटा गुस्सा

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित कई कॉलेजों के छात्रों ने एकजुट होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज कैंपस में पीने योग्य पानी की भारी कमी है। कई जगहों पर वाटर कूलर खराब पड़े हैं, तो कहीं सप्लाई ही बंद है। भीषण गर्मी में यह स्थिति असहनीय हो गई है।प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने बताया हम यहां पढ़ने आए हैं, लेकिन पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही। गर्मी में क्लास करना मुश्किल हो गया है और प्रशासन चुप बैठा है।

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प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे बार-बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। छात्रों के अनुसार, पहले भी पानी की दिक्कतें होती थीं, लेकिन इस बार समस्या लगातार बनी हुई है।एक छात्र नेता ने कहा DU जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में इस तरह की अव्यवस्था शर्मनाक है। जब तक प्रशासन पानी की समुचित व्यवस्था नहीं करता, हमारा विरोध जारी रहेगा।”

पानी की किल्लत और बढ़ती गर्मी – खतरनाक मेल

दिल्ली में गर्मी अपने चरम पर है और ऐसे में पानी की किल्लत जीवन को और कठिन बना देती है। कॉलेजों में न केवल छात्रों बल्कि फैकल्टी और स्टाफ को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर छात्र खुद बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, जो हर किसी के लिए संभव नहीं है।

कॉलेज प्रशासन का जवाब

प्रदर्शन के बाद कुछ कॉलेजों के प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि पानी की समस्या को जल्द सुलझा लिया जाएगा। कुछ जगहों पर टैंकर मंगवाए गए हैं और वाटर कूलर की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि ये केवल अस्थायी समाधान हैं, जबकि ज़रूरत स्थायी व्यवस्था की है।

वृहद स्तर पर समाधान की ज़रूरत

दिल्ली विश्वविद्यालय के जल संकट को केवल एक संस्थागत समस्या मानना गलत होगा। यह राजधानी के जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलता है। अगर उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पेयजल का संकट गहराता जा रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है।विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर अभी भी बड़े सुधारों की ज़रूरत है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन एक चेतावनी है कि जल संकट अब केवल ग्रामीण या झुग्गी-झोपड़ियों तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में भी जब पानी की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएं, तो यह प्रशासनिक उदासीनता और नीति-निर्माण में कमी का बड़ा संकेत है।

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