August 29, 2025

छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण के जाल पर ईडी की सख्त कार्रवाई

जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, जिसे अवैध धर्मांतरण का मास्टरमाइंड माना जाता है, की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पांच दिनों की रिमांड के दौरान छांगुर से कई राउंड में गहन पूछताछ की। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। छांगुर ने स्वीकार किया कि उसकी संस्थाओं को पाकिस्तान सहित कई देशों से आर्थिक मदद मिली थी। उसने यह भी माना कि उसकी दुबई यात्राओं का खर्च भी इन मददगारों ने उठाया। हालांकि, कई सवालों पर छांगुर ने चुप्पी साध ली या गोलमोल जवाब दिए। उसका दावा है कि विदेश से प्राप्त करोड़ों रुपये की फंडिंग का उपयोग गरीबों की मदद के लिए किया गया। साथ ही, उसने नीतू उर्फ नसरीन पर धर्मांतरण का काम आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और बताया कि कई संपत्तियां उसके नाम पर खरीदी गईं।

नवीन रोहरा पर ईडी की नजर

ईडी अब छांगुर के सहयोगी नवीन रोहरा को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। नवीन को लेकर ईडी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। माना जा रहा है कि नवीन छांगुर की छिपी संपत्तियों और उसके नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। गौरतलब है कि नवीन और छांगुर का बेटा महबूब पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा, नीतू उर्फ नसरीन से भी ईडी पूछताछ की योजना बना रही है, क्योंकि यूपी एटीएस की पूछताछ में नीतू ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। शुक्रवार को छांगुर की रिमांड का आखिरी दिन है, और ईडी आज भी उससे पूछताछ कर सकती है। इसके बाद उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच

पूछताछ में सामने आया कि अवैध धर्मांतरण का यह जाल केवल भारत तक सीमित नहीं है। इसके तार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और दुबई तक जुड़े हैं। यूपी एटीएस अब छांगुर के विदेशी कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। ईडी और एटीएस मिलकर इस साजिश के हर पहलू को उजागर करने की कोशिश में हैं। यह जांच न केवल छांगुर के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग कैसे और कहां किया गया।

पीड़ितों की बढ़ती शिकायतें

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय में शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पीड़ित परिवार न केवल कॉल सेंटर के माध्यम से, बल्कि सीधे कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। यह दर्शाता है कि छांगुर का जाल हजारों परिवारों तक फैला हुआ है। लोग खुलकर सामने आ रहे हैं और इस अवैध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आगे की कार्रवाई पर नजर

ईडी की सख्ती और यूपी एटीएस की जांच से छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क का खुलासा हो रहा है। अब सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले और ईडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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