Iran Israel US Tension
Iran Israel US Tension: मध्य-पूर्व में जारी तनाव अब खाड़ी देशों तक फैलता दिखाई दे रहा है। ईरान-इज़रायल-अमेरिका टकराव के बीच सऊदी अरब, क़तर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी सीधे हमलों की जद में आ गए हैं। खास बात यह है कि इन हमलों से ठीक पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए अफसोस जताते हुए कहा था कि ईरान का इरादा अपने पड़ोसियों से संघर्ष करने का नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि भविष्य में ऐसे हमले तब तक नहीं किए जाएंगे, जब तक किसी देश की ओर से ईरान पर हमला नहीं होता।
Iran Israel US Tension के बीच सऊदी अरब ने कही ये बड़ी बात
हालांकि राष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद खाड़ी क्षेत्र में अचानक सायरन बजने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब, क़तर, बहरीन और यूएई की दिशा में दर्जनों ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इन देशों की एयर डिफेंस प्रणालियों ने कई हमलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि उसकी रक्षा प्रणाली ने करीब 15 बैलिस्टिक मिसाइल और 100 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराया। वहीं सऊदी अरब ने भी अपने तेल क्षेत्रों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट करने की जानकारी दी। क़तर और बहरीन में भी हाई अलर्ट जारी कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
जाने क्या कहते है विश्लेषक
आपको बता दे कि Iran Israel US Tension के बीच विश्लेषकों का मानना है कि इन हमलों का असली लक्ष्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हो सकते हैं। लेकिन इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता तेजी से बढ़ रही है। सऊदी अरब ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल चेतावनी है या मध्य-पूर्व एक और बड़े युद्ध की दहलीज पर खड़ा है। क्योंकि फिलहाल खाड़ी के आसमान में सिर्फ ड्रोन और मिसाइलें ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है।
