September 3, 2026

Abstar News

Latest News, Breaking News & Updates

Iran संग व्यापार करने पर भारत पर लगेगा 25 % अतिरिक्त Tariff?

Iran

Iran

Iran: ईरान जल रहा है। और इसकी आग अब दुनिया के अलग अलग हिस्से में भी दिखाई दे रहा है। ईरान में लोग सड़को पर आ गए है। और इतना ही नही वो लगातार खामेनी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जता रहे है। वहीं अब इन सब के बीच अमेरिका ने भी ईरान को खुली चुनौती दे दी है। जिसके जवाब में ईरान सरकार ने साफ साफ कहा है कि अगर अमेरिका प्रदर्शनकारियों को बढ़ावा देता है तो, ईरान सरकार का निशाना अमेरिकी ढ़ांचे को बनाया जाएगा। वहीं इसके अलावा अब अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशो की भी Tariff बढ़ा दी है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक और सटीक जानकारी के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

Iran: जाने क्या है भारतीय व्यापारीयों की समस्यां

जानकारी के लिए बता दे कि ईरान के लोग लगातार इस्लामिक शासन के खिलाफ ईरान के खलीफा के खिलाफ अपना विरोध जता रहे है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ साफ एक बड़ा ऐलान कर दिया है। आपको बता दे कि ट्रंप ने साफ साफ कहा है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25% का Tariff लगाया जाएगा। जिसके बाद से भारत में भी चिंताए बढ़ गई है। मगर भारत सरकार ने ये साफ कहा है भारत पर इसका असर नही पड़ेगा। आपको बता दे कि ट्रंप द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद से ही भारतीय बाज़ार के चावल एक्सपोर्टरों की चिंताए बढ़ गई है। ऐसे में अब बड़ा सवाल ये है कि क्या अमेरिका के Iran पर इस फैसले से क्या भारतीय चावल उद्योग पर असर कैसे नही पड़ेगा।

जाने क्या कहती है भारत सरकार? क्यो है चिंताएं

आपको बता दे कि भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार सिर्फ 1.6 बिलियन डॉलर! जबकि ईरान का कुल इंपोर्ट मार्केट है करीब 68 बिलियन डॉलर। मतलब साफ है भारत ईरान के लिए कोई “मेजर ट्रेड पार्टनर” नहीं है। अब आइए जानते है ईरान किन देशों में ज्यादा व्यापार करता है।

इन देशो से होता है Iran का मुख्य व्यापार

• UAE – 21 बिलियन डॉलर (30%)
• चीन – 17 बिलियन डॉलर (26%)
• तुर्किये – 11 बिलियन डॉलर (16%)
• यूरोपीय यूनियन – 6 बिलियन डॉलर (9%)

लेकिन अब सवाल उठता है चावल पर क्योंकि भारत Iran का सबसे बड़ा राइस सप्लायर है। ईरान अपनी ज़रूरत का करीब दो-तिहाई चावल भारत से आयात करता है। यही वजह है कि ट्रंप के ऐलान के बाद भारतीय राइस एक्सपोर्टर्स घबरा गए। लेकिन सरकार का संदेश बिल्कुल साफ है, भारत का ईरान से व्यापार डाइवर्सिफाइड है, और किसी एक फैसले से एक्सपोर्ट सेक्टर को झटका नहीं लगेगा। सरकार मानती है कि भारत की सीमित हिस्सेदारी और वैकल्पिक बाज़ार इस Tariff के असर को बफर कर लेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.