गाज़ियाबाद के घंटाघर चौपला मंदिर के पास करवाचौथ का उत्सव अचानक हिंसा में बदल गया। शहर की गलियों में मना जाने वाला यह त्योहार, जिसे महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत और पूजा करती हैं, इस बार अफरातफरी और डर का माहौल बन गया।
बाइक सवार से विवाद और हमला
मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला अपने पति और बेटे के साथ मेहंदी लगवा रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार की हेडलाइट महिला के चेहरे पर पड़ गई। महिला ने आपत्ति जताई और पति ने हेडलाइट बंद कर दी। लेकिन यह बात बाइक सवार को नागवार गुज़री। उसने अपने दो दोस्तों को बुलाया और तीनों ने मिलकर महिला के पति और बेटे पर हमला कर दिया।
महिला भी घायल हुई
हिंसा के दौरान जब महिला बीच-बचाव के लिए पहुंची, तो वह भी घायल हो गई। एक पल में करवाचौथ की खुशियाँ अफरातफरी और डर में बदल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना कुछ सेकंड में ही हड़कंप मचा गई और आसपास के लोग दौड़ते हुए वहां पहुंचे।
स्थानीय पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल परिवार को अस्पताल भेजा। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों के दौरान आपसी विवाद से बचें और किसी भी हिंसक घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
समाज और सुरक्षा पर असर
करवाचौथ जैसे त्योहारों का मकसद प्रेम, भाईचारा और खुशियों का उत्सव मनाना होता है। लेकिन इस तरह की हिंसा समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, कानून का सही पालन और लोगों की आपसी समझ से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

संबंधित पोस्ट
India AI Impact Summit 2026: UN प्रमुख ने भारत को बताया मेजबानी के लिए उपयुक्त स्थान
Noida में वेलेंटाइन डे पर 15 साल के प्यार का खूनी अंत
Uttar Pradesh में शंकराचार्य विवाद! धर्म और राजनीति का नया टकराव