बिहार की राजनीति का आज एक ऐतिहासिक दिन है। नीतीश कुमार ने 20 नवंबर को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। यह मुकाम किसी सामान्य नेता की राजनीतिक यात्रा नहीं कहला सकता, बल्कि यह लगातार बदलावों, गठबंधनों, संघर्ष और जन समर्थन का परिणाम है।करीब 20 वर्षों तक सत्ता में बने रहने वाले नीतीश कुमार को कभी ऐसा समय भी देखना पड़ा जब वे सिर्फ 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री रहे। साल 2000 में 3 मार्च को पहली बार CM बने, लेकिन बहुमत न होने की स्थिति में 7 दिन बाद 10 मार्च को इस्तीफा देना पड़ा। यही वह दौर था जिसने उनके राजनीतिक धैर्य और भविष्य की रणनीति को मजबूत किया।

2005 से सुशासन की शुरुआत NDA के साथ पहला मजबूत कार्यकाल
फरवरी 2005 में बिहार में त्रिशंकु विधानसभा बनी। सत्ता की चाबी रामविलास पासवान के पास रही और सरकार नहीं बन पाई। इसके बाद नवंबर 2005 में नीतीश कुमार ने स्पष्ट बहुमत के साथ 24 नवंबर को दोबारा शपथ ली। NDA को 143 सीटों का समर्थन मिला।यही वह कार्यकाल था जिसने जंगलराज की छवि बदलकर सुशासन की नींव रखी। कानून व्यवस्था में सुधार, लड़कियों की शिक्षा, सड़कें और जातीय संतुलन वाली राजनीति ने उन्हें “विकास पुरूष” की छवि दी।
2010 का करिश्मा 200+ सीटों के साथ तीसरी शपथ
26 नवंबर 2010 को नीतीश कुमार ने तीसरी बार शपथ ली। इस चुनाव में 200 से अधिक विधायक उनके साथ आए, जो बिहार चुनाव इतिहास का बड़ा रिकॉर्ड था। हालांकि 2013 में वे बीजेपी से अलग हुए, और 2014 लोकसभा परिणामों के बाद इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन यह राजनीतिक मजबूरी थी, हार नहीं।
2015 से 2020 गठबंधनों की राजनीति और वापसी
22 फरवरी 2015 को चौथी बार, फिर 20 नवंबर 2015 को पांचवीं बार शपथ ली। इस बीच उन्होंने मांझी सरकार हटाई, महागठबंधन बनाया और फिर उसी गठबंधन से अलग होकर 27 जुलाई 2017 को छठवीं बार CM बने।2020 के चुनाव में फिर NDA के साथ आए और 16 नवंबर 2020 को सातवीं बार शपथ ली।फिर 10 अगस्त 2022 को आठवीं बार CM बने और महागठबंधन में चले गए। लेकिन आरामदेह राजनीति न होने के कारण उन्होंने पुनः NDA में वापसी की और 28 जनवरी 2024 को नौवीं बार शपथ ली।
2024–2025: 200 पार का नारा सफल और 10वीं शपथ
2025 चुनाव में नीतीश कुमार के “200 पार” के नारे ने सफलता पाई। NDA मजबूत होकर लौटा और 20 नवंबर को नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस बार 20 मंत्रियों के साथ सरकार की शुरुआत हो रही है।

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