भारत ने पाक ड्रोन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया

8 मई की रात भारत-पाक सीमा पर जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक और घुसपैठ की कोशिश नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हमला था। शुक्रवार शाम विदेश मंत्रालय द्वारा बुलाई गई आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी, सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने इस हमले की विस्तृत जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना ने उस रात भारत के 36 शहरों को निशाना बनाते हुए 300 से 400 ड्रोन की मदद से हमला करने की कोशिश की। इनमें से कई ड्रोन को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। ड्रोन के मलबे की प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में सामने आया कि ये तुर्की में बने ‘असिसगार्ड सोंगार’ मॉडल थे। ये ड्रोन निगरानी और सटीक हमले के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से पश्चिमी सीमा पर बार-बार भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया। उनका मकसद भारतीय सैन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी कैलिबर के हथियारों से भी फायरिंग की गई।

हमले के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उरी, पुंछ, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर क्षेत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की। इन क्षेत्रों में भारी गोलीबारी और सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। इस हमले में भारतीय सेना के कुछ जवान घायल हुए हैं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि पाकिस्तान के हमले के जवाब में भारत ने भी चार सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए। इनमें से एक ड्रोन ने पाकिस्तान की एयर डिफेंस साइट को सफलतापूर्वक नष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं था, बल्कि भारत की क्षमताओं और तत्परता का स्पष्ट संदेश था।

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उन्होंने आगे बताया कि पाकिस्तान का उद्देश्य हमारे एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत को परखना और खुफिया जानकारी जुटाना था। लेकिन भारतीय सेना ने न केवल उनके इरादों को नाकाम किया, बल्कि उन्हें उनकी हरकत का सख्त जवाब भी दिया।

सबसे खतरनाक स्थिति तब बनी जब पाकिस्तान का एक सशस्त्र यूएवी बठिंडा के सैन्य स्टेशन की ओर बढ़ा। लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उसे समय रहते इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह घटना दिखाती है कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था हर संभावित खतरे को नाकाम करने में सक्षम है।

यह पूरी घटना भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक नए खतरे की ओर इशारा करती है — ड्रोन वॉरफेयर। पाकिस्तान अब पारंपरिक गोलीबारी से एक कदम आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन भारत भी हर मोर्चे पर तैयार है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि तुर्की निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल इस पूरे हमले को और भी गंभीर बनाता है, क्योंकि यह किसी थर्ड पार्टी की अप्रत्यक्ष भागीदारी की ओर भी संकेत करता है।

भारत ने इस घटना के जरिए साफ कर दिया है कि उसकी संप्रभुता और सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ नहीं कर सकता। देश की सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और हर खतरे का जवाब देने के लिए सक्षम हैं।

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