Kuldeep Singh Sengar का मामला आज फिर से सुर्खियों में है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्हें बेल दी गई थी। इसका मतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट में जब इस मामले की सुनवाई हुई, तो CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता में बेंच ने कहा कि यह मामला साधारण नहीं है। Supreme Court ने कहा कि ये सिर्फ एक केस की कहानी नही है। यहाँ स्थिति अन्य मामलों में भी सजा भुगतने की वजह से जटिल है। आइए एक नज़र डालते है इस पूरी खबर पर। अधिक और सटीक जानकारी के लिए हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना न भूले।
Kuldeep Singh Sengar: दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
जानकारी के लिए बता दे कि बीजेपी से निष्दिकासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर पर नाबालिक के साथ रेप के मामले में उम्र तैद की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले सजा को सस्पेंड करते हुए बेल दी थी। कोर्ट ने कहा था कि सेंगर ने जेल में 7 साल से अधिक समय काट लिया है। जो उस वक्त के कानून के हिसाब से काफी थे। Supreme Court ने इस पर रोक लगा दी है और अगले सुनवाई के लिए इसे जनवरी के आख़िरी हफ्ते तक टाल दिया है। आपको बता दें कि सेंगर इस केस के अलावा पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत से जुड़े एक और CBI मामले में भी 10 साल की सजा काट रहे हैं, इसलिए वह तुरंत रिहा नहीं होंगे।
सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई ने की ये मांग
आपको बता दे कि CBI की ओर से सोलीसीटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह एक “बच्ची के साथ भयावह यौन अपराध” का मामला है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जिस वक्त उन्नाव रेप पीड़िता के साथ ये घटना हुई उस वक्त उनकी उम्र केवल 15 साल और 10 महीने की थी। और इतना ही नही CBI ने Supreme Court से कम से कम 20 साल की सजा की मांग भी की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए इस फैसले को देश भर से सपोर्ट मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे न्याय व्यवस्था की जीत बता रहे है. अब देखना होगा कि कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी क्या प्रतिक्रिया देती है।

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